में तझसे,तू मझसे


में स्वर ,तू राग है मेरा
में वाक्य ,तू अर्थ है मेरा
में फूल, तू खुशबू है मेरी
में आँखे ,तू नजर है मेरी
में अधूरी,तू आधार है मेरा
में साहित्य, तू कला है मेरी
में अँधेरा,तू रौशन है मेरा
में रात,तू सवेरा है मेरा
में जिस्म,तू रूह है मेरी
में उदास,तू उत्साह है मेरा
में शरीर, तू आत्मा है मेरी
में तलाश,तू मंजिल है मेरी
में कोयला, तू हीरा है मेरा
में सपना,तू हक़ीक़त है मेरी
में उलझ, तू सुलह है मेरी
में कलम, तू सिहाई है मेरी
तू बादशाह ,में रानी हु तेरी

#merikalampehchanteri
#pranjali

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